इस पर्युषण पर्व ना भेजे किसी को क्षमापना का व्हाट्सएप, लेकिन इन 4 को जरूर बोले मिलकर क्षमा

पर्युषण पर्व क्षमा का पर्व है| इसमे अपने अहम को छोड़कर साल भर में किये पाप कर्मों का प्रायश्चित किया जाता है, क्षमा मांगी जाती है | लेकिन इंटरनेट की इस दुनिया ने क्षमा को भी डिजिटल बना दिया है| हम दुनियाभर के लोगो को व्हाट्सेप पर क्षमा के मेसेज तो फारवर्ड कर देते है, लेकिन जिनसे सच मे हाथ जोड़, पैर छू कर क्षमा मांगने होती है उनसे दूरी बनाए रहते है| इस संवत्सरी आप चाहे किसी को व्हाट्सएप्प ना करे लेकिन इन सभी से मिलकर हाथ जोड़ कर क्षमा मांगे |




माता पिता से मांगे क्षमा

माता-पिता के हमपर अनंत उपकार है| आज की पीढ़ी अपने संस्कार को भूल उनसे दूर होती जा रही है| इस संवत्सरी पर निश्चित रूप से अपने माता पिता के पैर छूकर, मस्तक लगा कर क्षमायापन करे| माता पिता ना तो अपने बच्चो से नाराज़ रहते है ना ही क्षमा की अपेक्षा करते है| लेकिंग हमारा फ़र्ज़ है उनसे क्षमायापन करना | यदि आप विवाहित है तो अपने सास ससुर से भी माता- पिता से ही भाव रखकर क्षमा याचना करे| घर मे अन्य सभी बड़ो का भी वैर छूकर आशीर्वाद लें |

पति / पत्नी से मांगे क्षमा

पति पत्नी हमारे जीवन का संबल है जिनके साथ हम अपना अधिकांश वक्त गुज़ारते है| स्वाभाविक है कि सबसे अधिक मनमुटाव भी उन्हीं के साथ होंगे| ऐसे मे आवद्यक है की आप विनम्रता से अपने जीवनसाथी से क्षमा मांगे और दिल से उन्हें क्षमा भी कर दे|

एम्प्लाइज / मेड / सर्वेंट से मांगे क्षमा

अपने आफिस स्टाफ को, ड्राइवर को, घर में काम वाली बाई को, नौकर को हम अक्सर बुरा भला बोल देते है, डांट देते है| वो मन ही मन दुखी होते है लेकिन कुछ बोल नही पाते। इस संवत्सरी आप उनसे हाथ जोड़ क्षमा मांगे। इससे आपकी इज्जत काम नहीं होगी अपितु उनकी नज़रों में सम्मान बढ़ ही जाएगा |

भाई / बहन से मांगे क्षमा

बचपन में भाई - बहन हमारे बेहद नज़दीक होते है| किसी प्रकार का मनमुटाव अधिक देर नहीं रहता| लेकिन उम्र के बढ़ने से साथ साथ जायदाद, सम्पति, परिवारक झड़प इत्यादी के चलते यह रिश्ता कमज़ोर हो जाता है| इस संवत्सरी इस रिश्ते को फिर से मजबूत बनाये , क्षमा मांगी और क्षमा करें |

इसके अलावा यदि आपका मनमुटाव अपनी ननंद, देरानी, जेठानी, पड़ोसी, किरायेदार, बिजनस पार्टनर जिनसे भी है उनसे मिल कर क्षमा मांगे| मिलना संभव नही तो काल करे | मात्र मेसेज फारवर्ड कर अपनी ज़िम्मेदारी से पल्ला ना झाड़ें | यदि आपने इस संवत्सरी ये कर लिया तो आपके पर्युषण पर्व अवश्य सार्थक होंगे | आप अपने जीवन और परिवार में नई सुख शांति महसूस करेंगे |

जय जिनेंद्रा
ऋषभ जैन

Comments

  1. It will be real jainism and we wil become l true follower of Jin Vachan. Sadhuvaad

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Thank You :)

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