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Monday, July 30, 2012

सांझ होने को है

सांझ होने को है,

दूर क्षितिज पर, 
सूरज अलविदा कह, 
हो रहा है रुखसत। 

अब भागना है,
बेतहाशा, 
पकड़ने को सूरज।

सफ़र आसान नहीं,
लेकिन सफल रहा तो,
जिंदगी बीतेगी रोशनी में।

अब थक गया, थम गया तो...

सांझ होने को है ||


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