खुदा से खफ़ा

एक और हार,
बढ़ता इंतज़ार,
झुंझलाते लोग,
आखिर क्यों ना चिल्लाए?
जब शिकायत खुद खुदा से हो-
तो हम किसके पास जाए?  

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