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Sunday, April 8, 2012

शोक-समाचार - 'संयुक्त प्रवेश परीक्षा ने ली अंतिम सांस'


संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)
(9 अप्रैल 1960 – 8 अप्रैल 2012)

लंबे समय से कपिल चप्पल की मार झेल रही 'संयुक्त प्रवेश परीक्षा' ने अंततः 8 अप्रेल, सांयकाल 5 बजे दम तोड़ दिया| आप 52 वर्ष के थे|

आप प्रारम्भ से ही बड़े सख्त मिजाज थे| बच्चों के देखकर ही आपका पारा चढ जाता और आप उन्हें डराने धमकाने लगते| फलस्वरूप छोटे बालकों में आपका आतंक व्याप्त हो गया| लेकिन बढ़ती उम्र के साथ आपके मिजाज़ में कुछ नरमी आई|

'मानव संसाधन विकास मंत्रालय' के साथ लगभग तीस वर्षों तक आपके मधुर वैवाहिक सम्बन्ध रहे| जिसके फलस्वरूप अपनी युवावस्था में आपके सात पुत्र हुए| सभी ने बड़े होकर अलग-अलग शहरों में अपने पिता का नाम रोशन किया| लेकिन इतने से उनकी सांसारिक इच्छाएँ खत्म नहीं हुई| अपनी ढलती उम्र में भी आपने 'फाईट मार कर' आठ कमजोर-कुपोषित बच्चों को जन्म दिया| ऐसा प्रतीत हुआ मानो वे 'क्वालिटी' की बजाए 'क्वांटिटी' पर ज्यादा ध्यान दे रहें है|

बाद में आपका रुझान कोटा नामक 'कोठे वाली' की तरफ बढ़ने लगा| उनकी पत्नी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) ने कोटा से उनका पीछा छुड़ाने के लिए 2006 में  उनका पूरा हुलिया ही परिवर्तित कर दिया| लेकिन कोटा ने उन्हें फिर भी पहचान लिया और तब से उनके सम्बन्ध और भी प्रगाढ़ हो गए| अंततः कोई चारा ना देख उनकी पत्नी ने अपने 'सीरिअल किलर - खूंखार दरिंदे – राजनेता भाई' कपिल चप्पल के साथ मिल कर अपने पतिदेव 'जेईई' के क़त्ल की साजिश रची| अपनी राजनीतिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए 'श्री चप्पल' ने 2010 में 'जेईई' पर घातक हमला किया तब से वे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे|

लेकिन जेईई के आई.सी.यु. में भर्ती रहने के दौरान ही उनकी पत्नी 'मंत्रालय' ने ISEET नामक अज्ञात शख्स के साथ अपने संबंधों का खुलासा कर दिया| उन्होंने ये भी घोषणा कर दी की 2013 में वे परिणय सूत्र में बंध जाएंगे| मृतक जेईई के १५ बच्चों के साथ अब सौतेला व्यवहार होने की आशंका है|

लेकिन लगता है 'मंत्रालय' की खुशी अधिक दिनों तक नहीं टिकने वाली क्योंकी 'कोटा' नामक उसी 'कोठे-वाली' ने अभी से उसके मंगेतर ISEET पर डोरे डालने शुरू कर दिए है|

शोकाकुल आई.आई.टी बोम्बे, आई.आई.टी दिल्ली, आई.आई.टी कानपुर एवं समस्त आई.आई.टी परिवार|

(इस आलेख का उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है, और अगर आपको ठेस पहुचती है तो इसे मात्र एक संयोग कहा जाएगा ... सायोनारा)


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