स्वागत

पसंद / नापसंद .. दर्ज ज़रूर करें !

Wednesday, December 7, 2011

Placement Season "इस्पेसल'

Intern का बुखार है,
Placements की तलवार है,
कम्पनी काँटा फेंक रही ...
अटक गए,
या लटक गए |

लाइन लगी बड़ी लम्बी,
घुसने को धक्का मुक्की,
अच्छी सीट चाहिए तो,
झगड़ लो..
या नबड लो |

कुछ के पापा की है कम्पनी,
उनको जॉब नहीं करनी,
वेसे भी उनकी नहीं लगनी,
लक्की बेटा, ऐश करो,
मौका केश करो |

जिनको नहीं है शांति,
सोचते है करेंगे क्रांति,
स्टार्ट-अप कर लो अपना,
हो सकता है- fart हो,
हो सकता है-flipkart हो | 

वो हरे लिफाफे फेंक रहे,
कई हाथ बढ़ा कर सेक रहे,
पर दिल भी बहुत जला रही.
तुम कौन  हो ??
ये समझ लो |

अगर कोई बात नहीं बने,
खोटा सिक्का नहीं चले,
 AOL का कोर्स करो,
बाबा बनो,
योग करो |||

No comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...